जिगर और उनकी शायरी (Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari – Jigar Moradabadi)

By प्रकाश पंडित (Prakash Pandit)

$7.00

SKU raj341
Categories ,

Description

जिगर मुरादाबादी उर्दू साहित्य में “जिगर” मुरादाबादी का वहुत ऊँचा स्थान है । साधारण शिक्षा, अजीब शक्लन्दूरत और कभी रोजी-रीनी के लिए स्टेशनंस्टेष्टान चषमे बेचने वाले ‘जिगर’ ने जब शेर काने शुरू किये तो लोगों पर जावू-सा कर दिया । शराब बेतहाशा पीते थे, लेकिन आदमी वहुत नेक और भले थे । ‘जिगर’ उन भाग्यशाली शायरों में से है जिनकी रचनाएं उनके जीवन-काल में ही ‘क्लासिक’ सानी जाने लगी ।